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वैदिक परंपराओं विविध ही व्याधि छल-दम्भ या विद्वेष ये बासी आज का विचार मानसम्मान सब से प्रेम विनाश नरकमेंलेजाताहैअंहकारकाद्वार।जीतसकोतोजीतलोसंस्कारसेसंसार। अप्रैल फूल समझदारी उलझन से बचे थे प्यार वहीविशेषहै मानव होवेगा अनाथ अद्वितीय कृति मनुष्य फेक्ट घर से जा रहें हैं निंदा से बचें निसर्गप्रेम रहें मुस्कुराते

Hindi षड़यंत्र से बचे रहें Quotes